
अयोध्या समाचार: नगर निगम के कमरे में धूल फांक रहे शिलापट, खर्च को लेकर उठे सवाल
अयोध्या। नगर निगम द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण के लिए तैयार कराए जाने वाले शिलापटों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम परिसर के एक कमरे में वर्ष 2025 के कई शिलापट धूल फांकते नजर आ रहे हैं, जबकि उनसे संबंधित अनेक योजनाओं का कार्य पूरा भी हो चुका है।
इन शिलापटों पर योजना का नाम, लागत, कार्य अवधि, ठेकेदार का विवरण, संबंधित क्षेत्र, मुख्यमंत्री, महापौर, स्थानीय पार्षद तथा नगर आयुक्त के नाम अंकित किए जाते हैं। आमतौर पर इन्हें योजना स्थल पर स्थापित किया जाना होता है, लेकिन बड़ी संख्या में शिलापट उपयोग में आए बिना ही पड़े हुए हैं।

वार्डो के नागरिकों का कहना है कि इन शिलापटों के निर्माण पर खर्च की गई धनराशि किस मद से खर्च की गई और उसका लेखा-जोखा क्या है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि एक ओर नगर निगम विभिन्न करों में वृद्धि कर जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की सामग्री उपयोग के अभाव में बेकार पड़ी है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है।आमनागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम शिलापटों पर हुए खर्च, उनकी वर्तमान स्थिति तथा उपयोग न होने के कारणों को सार्वजनिक करे, ताकि जनधन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

